डिप्रेशन व तनाव का कारण बन सकता है आपका गलत खानपान
राष्ट्रीय पोषण सप्ताह हर वर्ष 1 से 7 सितंबर को मनाया जाता है, जिसका उद्देश्य एक स्वस्थ पौष्टिक आहार के महत्व से जुड़ा है। एक स्वस्थ आहार आपके तन-मन दोनों को खुश रखने में मदद कर सकता है। जी हां यदि आपका खानपान सही नहीं है, तो इसका सीध असर आपके स्वास्थ्य और शरीर पर दिखता है। आपका खानपान आपके मानसिक स्वास्थ्य से भी उतना ही जुड़ा है, यदि आप स्वस्थ आहार का सेवन नहीं करते, तो यह आपको डिप्रेशन, तनाव या चिंता की ओर ले जा सकता है। क्योंकि आपकी आंत और मस्तिष्क के बीच गहरा संबंध है। इसे आंत-मस्तिष्क अक्ष कहा जाता है। एंटरिक नर्वस सिस्टम, जिसमें लगभग 200 और 600 मिलियन न्यूरॉन्स होते हैं, यह गैस्ट्रोइंटेस्टाइनल ट्रैक्ट या पाचन प्रक्रिया से संबंधी मार्ग को प्रभावित करता है। दूसरी ओर, मस्तिष्क में लगभग 100 बिलियन न्यूरॉन्स होते हैं। आपके सभी अंग इन न्यूरॉन्स के माध्यम से एक दूसरे के साथ संवाद करते हैं। तो, यह कहना गलत नहीं होगा कि आपका पेट आपके मस्तिष्क के साथ संचार कर सकता है।
एक हालिया अध्ययन के अनुसार, हाई सोडियम और कम पोटेशियम का स्तर युवाओं में अवसाद के जोखिम को बढ़ा सकता है। फिजियोलॉजिकल रिपोर्ट्स ने इस अध्ययन को प्रकाशित किया। मानसिक स्वास्थ्य को स्वस्थ रखने के लिए सिर्फ साधारण बदलाव ही काफी है। शोधकर्ताओं का कहना है कि पोषक तत्वों से भरपूर आहार, जिनमें की फाइबर की अच्छी मात्रा होती है उनका सेवन, फास्ट फूड, रिफाइंड और शुगर में कटौती और जंक फूड से यदि बचा जाए, तो यह संभावित नकारात्मक मनोवैज्ञानिक प्रभावों से बचने के लिए पर्याप्त है। अध्ययन में पाया गया कि डाइट में कुछ बदलाव और एक्सरसाइज से डिप्रेशन के लक्षणों में अधिक सुधार देखने को मिला। इसके अलावा महिलाओं में अवसाद और चिंता दोनों के लक्षणों के लिए खानपान में बदलाव के अधिक लाभ देखने को मिले। आइए यहां हम आपको बताते हैं कि डिप्रेशन, तनाव और चिंता से बचने व छुटकारा पाने के लिए आपकी डाइट किस तरह की होनी चाहिए। ये आवश्यक पोषक तत्वों से भरपूर खाद्य पदार्थ आपको डिप्रेशन, तनाव और चिंता से लड़ने में मदद करेंगे।
हरी सब्जियां ज्यादा खाएं
डिप्रेशन या तनाव से मुक्ती पाने के लिए अपनी डाइट में पालक और हरी सब्ज्यिों, या हरे पत्ते वाले साग को शामिल करें। डिप्रेशन की गंभीर स्थिति को मस्तिष्क की सूजन से जोड़ा गया है। हरी पत्तेदार साग-सब्जियां विटामिन ए, सी, ई, और के और मिनरल्स व फाइटोकेमिकल्स से भरपूर होती हैं, जो कि डिप्रेशन या तनाव से लड़ने में मददगार हैं। इसके अलावा, अपने आहार में बीन्स, प्याज और मशरूम जैसी सब्जी को भी शामिल करें।
ओमेगा -3 फैटी एसिड
डिप्रेशन से लड़ने के लिए ओमेगा -3 फैटी एसिड भी बहुत जरूरी है। इसके लिए आप अखरोट, अलसी और चिया बीज का सेवन करें, यह ओमेगा -3 फैटी एसिड से भरपूर होते हैं और यह मस्तिष्क के बेहतर प्रदर्शन के साथ अवसाद को कम करता है। आप अपने आहार में समुद्री भोजन जैसे मछली, सैल्मन, मैकेरल, टूना, हेरिंग और सार्डिन को शामिल कर सकते हैं। यह पोषक तत्वों से भरपूर हैं। इसके साथ ही अलसी का तेल, सोयाबीन तेल और कनोला तेल भी डिप्रेशन से छुटकारा पाने में फायदेमंद है।
सेलेनियम युक्त खाद्य पदार्थ
इसके लिए आप नट्स, मेवे, साबुत अनाज, बीन्स, सीफूड और लीन मीट लें। इनमें सेलेनियम होता है, जो अच्छे स्वास्थ्य के लिए आवश्यक है। क्योंकि सेलेनियम की कमी डिप्रेशन का कारण बन सकती है। लेकिन याद रखें कि एक ही समय में बहुत अधिक सेलेनियम न लें।
फलों का सेवन
डिप्रेशन को दूर करने के लिए आप रोजाना ढेर सारे फल खाएं। जैसे आप जामुन खा सकते हैं, यह सेल-रिपेयरिंग एंटीऑक्सिडेंट से भरपूर है। इसके अलावा, ब्लूबेरी, रास्पबेरी, स्ट्रॉबेरी और ब्लैकबेरी एंटीऑक्सिडेंट का सबसे अच्छा स्रोत हैं। टमाटर का सेवन करना भी अच्छा है क्योंकि इसमें बहुत अधिक मात्रा में फोलिक एसिड और अल्फा-लिपोइक एसिड होते हैं, जो दोनों डिप्रेशन से लड़ने के लिए अच्छे हैं। सेब का सेवन करने से सेलुलर स्तर पर ऑक्सीकरण क्षति रोकने और मरम्मत में मदद मिलती है। इसलिए इन फलों के सेवन से डिप्रेशन को दूर रखा जा सकता है।
विटामिन डी
विटामिन डी आपकी हड्डियों व दांतों को मजबूत रखने के साथ डिप्रेशन को दूर करने में भी मददगार है। मछली, टोफू और दूध में विटामिन डी होता है। इन खाद्य पदार्थों को आप अपने दैनिक आहार का हिस्सा बनाएं। विटामिन डी की कमी डिप्रेशन संबंधी लक्षणों का कारण बन सकती है।
विटामिन डी
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